मुख्यमंत्री ने कहा- कोरोना वायरस के संकट से बड़ा है हमारा हौसला, लॉक डाउन आप और आपके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी



भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संकट बड़ा है, लेकिन हमारा हौसला उससे भी कहीं अधिक बड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना पर नियंत्रण के लिए जांच, उपचार और आइसोलेशन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। राज्य सरकार ने नागरिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। प्रदेश में निचले स्तर तक इसके इलाज के लिये अस्पताल चिन्हांकित किए गए हैं। उन्होंने कोरोना के विरुद्ध जारी लड़ाई में आमजन से अधिकाधिक सहयोग की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोराना के विरूद्ध जारी युद्ध में आप सभी के सहयोग से विजय अवश्य प्राप्त होगी।



उन्होंने किसानों को बताया है कि उपार्जन को फिलहाल स्थगित करते हुए नए शेड्यूल के अनुरूप व्यवस्था की जा रही है। इसकी जानकारी शीघ्र ही अलग से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि खेतों में फसल कटाई कार्य में कोई व्यवधान न हो, इसके लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। हार्वेस्टर्स के परिवहन को कहीं रोका नहीं जाएगा। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत रहें, कतई चिंतित न हों, उनका पूरा गेहूं खरीदा जाएगा। अन्य उत्पादन खरीदने की व्यवस्था भी राज्य सरकार करेगी।


उन्होंने कहा कि इस रोग को यदि हम फैलने से रोकना चाहते हैं, तो आइसोलेशन बहुत आवश्यक है। इसका महत्व सभी समझें। राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि दूध, आटा और अन्य सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाएं। लोग लॉक डाउन में परिजनों के साथ समय बिताएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन इस दौर को भी जियें। बच्चों के साथ घर में सुरुचिपूर्ण टीवी कार्यक्रम देखें, योग करें। बचाव के इन उपायों से हम कोराना को अवश्य पराजित कर देंगे।



उन्होंने बताया है कि इस संकट की घड़ी में समाज के सभी वर्गों को राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के गरीब परिवारों को एक माह का राशन नि:शुल्क प्रदान किया जा रहा है। सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति के परिवारों को दो माह की एडवांस सहायता राशि भेजी जा रही है। श्रमिकों को एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। किरायेदारों से मकान मालिकों द्वारा अभी किराया नहीं लिये जाने के निर्देश दिए गए हैं। फैक्ट्री श्रमिकों को भी वेतन और मानदेय देने के निर्देश दिये गये हैं।



मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कहा कि आप सभी लोग लॉक डाउन का पूरी तरह पालन करें। अपने परिवार के हित में घर से बिल्कुल बाहर ना निकलें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सबसे पहले किसी संदिग्ध व्यक्ति के पाए जाने पर जाँच होती है। इसके बाद उपचार की व्यवस्था। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वालों को क्वॉरेंटाइन में रहने का परामर्श दिया जाता है। श्री चौहान ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति को अन्य व्यक्तियों से संपर्क नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता कतई चिंतित ना हो। यह संकट शीघ्र समाप्त हो जाएगा। राज्य सरकार ने जाँच, उपचार और आइसोलेशन के पूर्ण प्रबंध किये हैं।



उन्होंने बताया कि कोरोना की समस्या के कारण लॉक डाउन की व्यवस्था के चलते जन-जीवन प्रभावित न हो, इसलिये ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। ये सेवाएं बड़ी राहत का सशक्त माध्यम बन गई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 52 लाख विद्यार्थियों के खातों में विभिन्न छात्रवृति योजनाओं की 430 करोड रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। मध्यान्ह भोजन योजना में 66 लाख 27 हजार विद्यार्थियों के बैंक खातों में 117 करोड़ रुपये खाद्य सुरक्षा भत्ता भी ट्रांसफर कर दिया गया है। मध्यान्ह भोजन योजना के रसोइयों के लिए भी दो-दो हजार रुपए की राशि दे दी गई है। प्रोफेशनल टैक्स, संपत्ति कर, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) आदि की राशि जमा करने की तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। मध्यप्रदेश भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल के 8 लाख 85 हजार 89 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में 88 करोड़ से अधिक की सहायता राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। 


मुख्यमंत्री ने कोरोना समस्या के संदर्भ में शहरों में विशेष रूप से लॉक डाउन का पूर्णतः पालन कराने, लोगों को घरों से ना निकलने और अपने परिवार को पूरा समय देने की सलाह दी है। उन्होंने इंदौर का उदाहरण देते कहा है कि समस्या बड़ी हो सकती है लेकिन हमारा हौसला उससे भी बड़ा है। सावधानियां भी बहुत जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस लक्ष्मण रेखा की बात की है उसे न लांघें। निश्चित ही हमारे प्रयास पूरी तरह सफल होंगे। हम जीतकर रहेंगे।



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