कोरोनावायरस / भोपाल में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए व्यापारियों ने खुद 4 दिन का टोटल लॉकडाउन किया, जरूरी सामान की किल्लत बढ़ सकती



भोपाल. पुराने भोपाल में लॉकडाउन का पालन नहीं होने से व्यापारियों ने खुद बड़ा निर्णय लिया। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए गुरुवार से रविवार तक चार दिन थोक बाजार बंद रखने का लिया है। इससे राजधानी में जरूरी सामान की किल्लत हो सकती है। आज पुराने शहर के थोक बाजार में सन्नाटा पसरा है। पूरे शहर में इसी थोक बाजार से किराने के सामान की आपूर्ति की जाती है। 


गुरुवार को भी पुराने शहर के कुछ इलाकों में भीड़ देखे जाने की खबर है। यहां विदेशी जमातें मस्जिदों में रुकी थीं और बस्तियों में जाकर धर्म प्रचार किया। यहां लोग पुलिस की गाड़ी देखते ही गलियों में चले जाते हैं और जैसे ही पुलिस की गाड़ी निकल जाती है तो फिर से सड़कों पर आ जाते हैं। हालांकि पुलिस पुराने शहर सहित पूरे भोपाल में मुनादी कर कह रही है कि घर से बाहर नहीं निकलें, अगर घर से बाहर निकले तो महामारी आपका इंतजार कर रही है। पुलिसकर्मी जिंदगी मौत न बन जाए संभालो यारो, मुश्किलों में है वतन... गाना गाकर भी लोगों को जागरुक करने की कोशिश कर रहे हैं। 


संक्रमण रोकने सात जोन में बांटा शहर


भोपाल को सात जोन में बांटने के लिए पुलिस ने 31 स्थानों पर बैरिकेडिंग कर शहर की रफ्तार रोक दी है। नए और पुराने शहर में भोपाल पुलिस के रेगुलर चार जोन हैं, जहां हर जोन में कम से कम पांच और ज्यादा से ज्यादा 11 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। इस दौरान केवल शासकीय कर्मचारी और मेडिकल इमरजेंसी वाले लोगों को ही राहत दी गई है। बीते दस दिनों में पुलिस ने बेवजह घूमने वालों के 700 वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की और एक्सपायर हो चुके करीब 2000 पास भी जब्त कर लिए। बीते दो दिन से हर क्षेत्र में पुलिस के साथ जेल वाहन भी लेकर चल रहे हैं। नए शहर में इसके लिए बंदी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पुराने शहर में मैजिक वाहनों को अस्थायी जेल वाहन बनाया गया है। दो दिनों के भीतर ऐशबाग में 14, जहांगीराबाद में 5, टीटी नगर में 4 और कमला नगर में 4 लोगों को जेल वाहन में बिठाकर थाने लाया गया। और उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए। ये सभी वे लोग थे, जो बेवजह शहर की सड़कों पर तफरी कर रहे थे।


जमातियों की हो रही तलाश


दिल्ली के निजामुद्दीन में कोरोना वायरस के सबसे बड़े हॉटस्पॉट का खुलासा होने के बाद बुधवार को भोपाल पुलिस को करीब डेढ़ महीने से भोपाल में रुके 200 जमातियों का पता चला। 20 अलग-अलग जमातों के ये सभी लोग भारतीय हैं। करीब डेढ़ महीने से ये सभी भोपाल की मस्जिदों में रुके हुए थे। जब जिला विशेष शाखा ने पड़ताल की तो इनकी जानकारी जुटाई हाथ लगी। अब सभी लोगों को अलग-अलग मस्जिदों में क्वारेंटाइन किया गया है। एएसपी डीएसबी संदेश जैन ने बताया कि ये सभी दिल्ली, कर्नाटक, कश्मीर, बिहार, असम और मप्र के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। इनके अलावा भोपाल आए अन्य जमातियों का भी पता लगाया जा रहा है।


पुलिस को तलाश- फरवरी में कितनी जमातें आईं


इंटेलीजेंस और खुफिया पुलिस को निजामुद्दीन की धार्मिक सभा में शामिल लोगों की सूची गुरुवार को मिलेगी। जानकारी उर्दू में दर्ज होने के कारण बुधवार को ये सूची नहीं मिल पाई है। सूची हिंदी में बनाई जाएगी। इसके बाद करीब 249 व्यक्तियों की लिस्ट सौंपी जाएगी। फरवरी से अब तक कितनी जमातें आई हैं, ये जमातें भोपाल होकर प्रदेश के किन-किन शहरों में धर्म प्रचार के लिए निकली थीं, पुलिस को इसकी जानकारी चाहिए। भोपाल की जिन मस्जिदों में विदेशी जमातें ठहरी हैं, उन्हें आगामी आदेश तक वहीं क्वारैंटाइन के लिए रुकना होगा। ईटखेड़ी स्थित मस्जिद एवं हज हाउस में कर्नाटक की जमात को क्वारैंटाइन के लिए रखा गया है।



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